ग्राम पंचायत भोजपुर एवं रतनपुर में लगे 69 स्ट्रीट लाइटों का कोई पता नहीं: जिम्मेदारों ने साधी चुप्पी, नियामताबाद ब्लाक में भ्रष्टाचार को संरक्षण दे रहे जिम्मेदार:-

नियामताबाद (पड़ाव), चंदौली। जनपद चंदौली के नियामताबाद ब्लाक अन्तर्गत ग्राम पंचायत भोजपुर एवं रतनपुर में स्ट्रीट लाइट के सम्बन्ध में उत्तर प्रदेश अपराध निरोधक समिति लखनऊ द्वारा जनसुनवाई पोर्टल पर किए गए शिकायत पर दिनांक 19/07/2022 को सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) की आख्या के अनुसार कुल 69 स्ट्रीट लाइट को लगाया गया था। जबकि ग्राम पंचायत में विद्युत कनेक्शन नहीं था और कनेक्शन ना होने की वजह से विद्युत विभाग द्वारा स्ट्रीट लाइटों को उतार दिया गया। जिसे 20/07/2022 को जिला पंचायत राज अधिकारी चंदौली द्वारा प्रमाणित भी किया गया है। कल्पना करें कि यदि बिना चले ही स्ट्रीट लाइटों को विद्युत विभाग द्वारा पोलों से उतारा गया तो सम्भवतः वह स्ट्रीट लाइट सुरक्षित होगा क्योंकि सम्बन्धित ग्राम पंचायत में विद्युत कनेक्शन नहीं था और स्ट्रीट लाइट नहीं चला।

वहीं पुनः निस्तारण से असंतुष्ट होने का फीडबैक देने पर जिला पंचायत राज अधिकारी चंदौली के कार्यालय से जारी पत्रांक संख्या -1499/7-पं0रा0/IGRS/आख्या/2022-23 को सिर्फ 52 स्ट्रीट लाइटों के संदर्भ में यह आख्या दी गई है कि अभी भी ग्राम पंचायत के 22 पोलों पर स्ट्रीट लाइट बंद अवस्था में लगा हुआ है और बाकी 30 स्ट्रीट लाइट टूटी फूटी अवस्था में पूर्व ग्राम प्रधान के यहां रखी गई है।

ध्यान देने योग्य बातें तो यह हैं कि एक ही शिकायत पर दो अलग अलग आख्या रिपोर्ट प्रस्तुत करने का क्या कारण है। आखिर पूर्व में सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) नियामताबाद की आख्या में 69 स्ट्रीट लाइटों का जिक्र है जिसे विद्युत विभाग द्वारा बिना चले ही पोलों से उतारा गया था तो वह खराब कैसे हो गयी। आखिर 2016 -2017 में जो 69 स्ट्रीट लाइटों को 3500 रुपए प्रति नग के हिसाब से खरीदा गया तो उनकी कोई वारंटी या गारंटी तो रही ही होगी।

जब स्ट्रीट लाइटें खराब हुई तो उसे रिपेयर करके पुनः लगाया जा सकता था।

अगर स्ट्रीट लाइटों को उतारा गया तो ग्राम पंचायत कार्यालय पर क्यों नहीं रखा गया। और स्ट्रीट लाइटों को कहां कहां पर लगाया गया था इस सम्बन्ध में किसी भी प्रकार का साक्ष्य क्यों नहीं उपलब्ध कराई जा रही है। क्या हवा में लटका दिया गया था स्ट्रीट लाइट या फिर सिर्फ कागजों में ही सिमट कर रह गई ग्राम पंचायत भोजपुर एवं रतनपुर में लगी स्ट्रीट लाइट।

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश शासन द्वारा संरक्षित एवं जेल मैनुअल उत्तर प्रदेश के अन्तर्गत कार्यरत संस्था उत्तर प्रदेश अपराध निरोधक समिति लखनऊ के संयुक्त सचिव/जेल पर्यवेक्षक समस्त कारागार उत्तर प्रदेश श्री निलेश अवस्थी ने मामले को संज्ञान में लेकर कार्यवाही आरंभ कर दिया है।

सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) नियामताबाद यह भूल चुके हैं कि अपराध व भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दों पर जांच कर शासन व प्रशासन स्तर पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का विशेषाधिकार समिति के पास सुरक्षित है।

यह सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) महोदय इतना तक नहीं जानते कि उत्तर प्रदेश अपराध निरोधक समिति क्या है और कैसे कार्य करती है।

मौजूदा समय में अपराध निरोधक समिति लखनऊ के सत्यम कुमार श्रीवास्तव वाराणसी मण्डल सचिव भ्रष्टाचार उन्मूलन/अशासकीय कारागार पर्यवेक्षक वाराणसी मण्डल वाराणसी इन सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) महोदय के अपराधिक गतिविधियों एवं भ्रष्टाचार को संरक्षण देने के मुद्दों पर खुद गुप्त रूप से पड़ताल करते हुए साक्ष्य इकट्ठा करने में लगे हैं। जल्द ही सारे साक्ष्य व सम्बन्धित दस्तावेजों को लेकर माननीय न्यायालय में याचिका दायर कर ऐसे भ्रष्टाचारियों के ऊपर कठोर कार्रवाई की मांग की जायेगी।

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